आषाढ़ी अमावस्या पर चित्रकूट में लाखों श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन प्रकाश, पेयजल और विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासनिक तैयारियों और जमीनी व्यवस्था के बीच अंतर को लेकर सवाल उठे।
चित्रकूट में अमावस्या मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने मां मंदाकिनी नदी में स्नान कर भगवान कामतानाथ पर्वत की परिक्रमा की। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, वहीं डूबते एक छात्र को एनडीआरएफ और पुलिस ने सुरक्षित बचाया।














